उत्तराखंड में अवैध मजारों के ध्वस्तीकरण का अभियान जारी है. उधम सिंह नगर जिले के नानकमत्ता थाना क्षेत्र में डैम किनारे सिंचाई विभाग की सरकारी भूमि पर बनी मजार की संरचना को पुलिस, सिंचाई विभाग एवं राजस्व विभाग ने संयुक्त अभियान में हटा दिया है.
उत्तराखंड के प्रसिद्ध सिख तीर्थ स्थल श्री नानकमत्ता साहिब स्थित नानक सागर डैम के किनारे सरकारी भूमि पर निर्मित एक अवैध मजार को प्रशासन ने शनिवार तड़के ध्वस्त कर दिया. यह कार्रवाई मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत की गई.
प्रशासन के अनुसार कार्रवाई के दौरान संरचना के नीचे किसी प्रकार के अवशेष नहीं मिले. एडीएम ने कहा कि सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमणों को हटाने का अभियान लगातार जारी है. कई अन्य संदिग्ध संरचनाओं को भी नोटिस जारी किए गए हैं.
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने बयानों में साफ कहते रहे हैं कि राज्य में सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सरकारी आंकड़ों की अगर बात करें तो अभी तक लगभग 12 हजार एकड़ सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा चुका है. मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि उत्तराखंड की देवभूमि और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता है तथा अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा.
उत्तराखंड में सरकारी जमीन से अवैध कब्जे हटाने का काम मई 2023 में शुरू हुआ था. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर वन विभाग ने 2023 में सघन अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरुआत की थी. बाद में इस अभियान ने विस्तार लिया और बाकी सरकारी विभागों ने भी अपनी जमीन पर हुए अवैध कब्जे हटाने शुरू किए.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार धामी सरकार अब तक उत्तराखंड में सरकारी भूमि पर कब्जा कर अवैध रूप से निर्मित 593 मजारों तथा 42 अन्य धार्मिक संरचनाओं को हटा चुकी है. उधम सिंह नगर जिला प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी सरकारी भूमि पर बने अवैध निर्माण के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा. फिलहाल नानकमत्ता उप तहसील क्षेत्र में अवैध मजार को सरकारी भूमि से हटा प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है.
