कोतवाली पटेल नगर पुलिस ने पटेल नगर स्थित परीक्षा केंद्र पर आईबीपीएस की परीक्षा के दौरान फर्जी अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है. आरोपी अब तक फर्जीवाड़ा कर 12 लोगों को सरकारी नौकरी दिला चुका है. पुलिस द्वारा आरोपी को न्यायालय में पेश कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है.
पुलिस अनुसार रविवार को पटेल नगर स्थित आई क्रिएट सॉल्यूशन केंद्र में आईबीपीएस आरआरबी ऑफिसर स्केल-3 की परीक्षा चल रही थी. इसी दौरान आईबीपीएस की डिवीजन हेड सोम बाला ने परीक्षा केंद्र को इनपुट दिया कि एक अभ्यर्थी निवासी बिजनौर का बायोमेट्रिक और फोटो संदिग्ध है. आरोपी ने एडमिट कार्ड पर फोटो बदलकर कई परीक्षाएं दी हैं. केंद्रीय व्यवस्थापक सूरज पाल सिंह रावत ने परीक्षा के बाद आरोपी को पटेल नगर पुलिस को सौंप दिया.
पूछताछ में ऋषि कुमार ने स्वीकार किया कि वह पैसे लेकर दूसरों की जगह परीक्षा देता था और उसने स्वीकार किया कि राजस्थान और बिजनौर के जिन अभ्यर्थियों के लिए उसने परीक्षा दी है, वह वर्तमान में सरकारी नौकरी कर रहे हैं. इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया.
पुलिस द्वारा आरोपी से पूछताछ में जानकारी मिली है कि आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास भी है. साल 2022 में वह राजस्थान में एसएससी की परीक्षा में नकल करने के आरोप में जेल जा चुका है. साथ ही पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर यह पता लगा रही है कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं. पुलिस की पूछताछ में आरोपी ऋषि कुमार राजस्थान ने बताया कि वह युवकों को अपने जाल में फंसाता था.
वह प्रवेश पत्र में अपनी फोटो लगाता था और बायोमेट्रिक भी अपना ही करवाता था. उसके बाद जिस अभ्यर्थी का चयन हो जाता था, उसे जॉइनिंग के लिए भेजता था. अब तक हुई जांच में पता चला है कि आरोपी किसी अभ्यर्थी की जगह पेपर सॉल्व करने के लिए 5 से 6 लाख रुपए लेता था. यही कारण है की अच्छी पढ़ाई के बाद नेशनल इंश्योरेंस कंपनी की अच्छी खासी नौकरी छोड़कर वह परीक्षा घपलों के काले धंधे में घुस गया. साथ ही आरोपी बैंकिंग सेक्टर ही नहीं स्टाफ सिलेक्शन कमिशन की परीक्षाओं में अब तक कई युवकों को नौकरी लगवा चुका है.