पहाड़ों की रानी के नाम से मशहूर मसूरी में मॉल रोड का सौंदर्यीकरण और पुनर्निर्माण एक बार फिर चर्चाओं में है. सरकार द्वारा हाल ही में करीब 7 करोड़ रुपये की लागत से कराए गए सौंदर्यकरण कार्यों के बीच, लोक निर्माण विभाग द्वारा पिक्चर पैलेस चौक और ग्रीन चौक पर लगे कोबल स्टोन को उखाड़कर उनकी जगह इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने की कवायद ने नया बवाल खड़ा कर दिया है. स्थानीय लोगों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक, हर कोई इस फैसले पर नाराज नजर आ रहा हैं.
मॉल रोड पर हर रोज हजारों पर्यटक और वाहन गुजरते हैं. ऐसे में इंटरलॉकिंग टाइल्स की टिकाऊ क्षमता और सुरक्षा पर लोगों ने खुलकर सवाल उठाए. स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सर्दियों में बर्फबारी होगी, टाइल्स फिसलन भरी होंगी. स्थानीय निवासियों ने यह भी कहा कि निर्माण का समय सबसे अनुचित है. उन्होंने कहा कि 24 दिसंबर से विंटर लाइन कार्निवल शुरू होने वाला है और ऐसे समय मॉल रोड का मुख्य चौक खोद दिया गया है. चौक पर निर्माण सामग्री के ढेर और उखड़ी सड़कें शहर की छवि खराब कर रही हैं.
नगर पालिका के सभासद अमित भट्ट और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि गौरव गुप्ता ने कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा बिना योजना के मॉल रोड पर लगातार प्रयोग किए जा रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि कभी कोबल स्टोन, कभी इंटरलॉकिंग टाइल्स आखिर अधिकारी मसूरी के साथ खिलवाड़ क्यों कर रहे हैं? जनता के पैसे का गलत इस्तेमाल हो रहा है. दोनों ने मांग की कि लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई हो ठेकेदार से भरपाई कराई जाए. मुख्य चौक पर या तो डामरीकरण या सीसी (कंक्रीट) वर्क किया जाए पर्यटन सीजन से पहले इलाके को पूरी तरह दुरुस्त किया जाए.
भाजपा मंडल के मीडिया प्रभारी जगजीत कुकरेजा ने भी इस मामले में अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया. उनका कहना है कि कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी मसूरी के विकास के लिए करोड़ों रुपये दिला रहे हैं. परंतु अधिकारी गलत निर्णयों से सरकार और शहर दोनों की छवि खराब कर रहे हैं. उन्होंने मांग की कि दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो और गलत तरीके से लगाए गए कोबाल स्टोन की वसूली ठेकेदार से की जाए.
पीडब्लूडी के सहायक अभियंता शिवराज सिंह लोदियाल ने बताया कि पहले मॉलरोड के पिक्चर पैलेस चौक पर लगाए गए कोबल स्टोन उखड़ रहे थे. नगर पालिका की मांग पर उन्हें हटाकर इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाई जा रही हैं ये टाइल्स उच्च गुणवत्ता की हैं और मजबूत होंगी. हालांकि, जनता के विरोध को देखते हुए उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य सड़क पर डामरीकरण या सीसी वर्क करवाने पर उच्च अधिकारियों से चर्चा की जाएगी.