अपनी नियमितीकरण और समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग को लेकर प्रदेशभर के उपनल कर्मचारियों का धरना सातवें दिन भी जारी रहा, लेकिन रविवार को धरने में शामिल एक महिला उपनल कर्मी की मौत हो गई. हालांकि, यह मौत धरनास्थल पर नहीं हुई. बताया जा रहा है कि उपनल कर्मी नीलम डोभाल धरना स्थल के लिए निकल रही थी, तभी अचानक से उनकी मौत हो गई. वहीं, आंदोलनरत कर्मियों ने दिवंगत महिला उपनल कर्मी नीलम डोभाल को श्रद्धांजलि अर्पित की.
वहीं, संयुक्त मोर्चा के प्रदेश संयोजक विनोद डोभाल ने बताया कि जिला निर्वाचन कार्यालय देहरादून में कार्यरत कनिष्क सहायक नीलम डोभाल ने डिप्रेशन में आकर अपना बलिदान दे दिया. नीलम और उनके पति दोनों उपनल कर्मचारी हैं. जो पिछले 10 नवंबर से हड़ताल में शामिल रहे हैं.
उन्होंने बताया कि रविवार यानी 16 नवंबर को नीलम जब आंदोलन स्थल के लिए निकल रही थीं, तभी उनकी आकस्मिक मौत हो गई. उन्होंने कहा कि सरकार के अंदर संवेदनाएं नहीं रह गई है, जिस कारण महिला उपनल कर्मचारी डिप्रेशन में आ गई थी. हालांकि, मौत की असली वजह क्या थी? यह स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन आंदोलन से जुड़े पदाधिकारी डिप्रेशन बता रहे हैं.
बता दें कि देहरादून में नियमितीकरण की मांग को लेकर उपनल कर्मी सड़कों पर हैं. जो राज्य स्थापना दिवस यानी 9 नवंबर के एक दिन बाद से ही धरने पर डटे हुए हैं. इधर, उपनल कर्मियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है तो उधर, उपनल कर्मचारियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट से धामी सरकार को तगड़ा झटका लगा है.
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की रिव्यू पिटीशन को खारिज कर दिया है, जिसके बाद उपनल कर्मचारियों को नियमित किए जाने पर सरकार को अब जल्द फैसला लेना होगा. ऐसा इसलिए क्योंकि, नैनीताल हाईकोर्ट पहले ही इन कर्मचारियों को नियमित किए जाने के लिए नियमावली बनाई जाने के आदेश कर चुका है. जबकि, ऐसा नहीं होने की स्थिति में उपनल कर्मी अवमानना याचिका लगा चुके हैं.
