नैनीताल जिले के हल्द्वानी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में आयोजित वाइट कोट सेरेमनी में प्रदेश के भावी डॉक्टरों को चिकित्सा सेवा की पहली औपचारिक पहचान मिली. समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों को वाइट कोट पहनाकर उनको नए सफर की शुभकामनाएं दीं. इस दौरान सांसद अजय भट्ट, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सीएस बिष्ट, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ चिकित्सक और फैकल्टी सदस्य भी मौजूद रही.
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को महर्षि चरक शपथ दिलाई गई. इस शपथ के माध्यम से उन्हें चिकित्सा क्षेत्र में केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि मानवता और सेवा भाव को आत्मसात करने का संदेश दिया गया. स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि वाइट कोट केवल एक परिधान नहीं, बल्कि यह ‘मानव सेवा और निष्ठा’ का प्रतीक है.
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कार्यक्रम में एक विशेष घोषणा करते हुए बताया कि राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में हर नए छात्र को अपने पढ़ाई के नगर में रहने वाले पांच गरीब परिवारों को गोद लेना होगा और उनकी स्वास्थ्य संबंधी जिम्मेदारी निभानी होगी.
उन्होंने कहा कि इस पहल से छात्रों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित होगी और चिकित्सा सेवा के प्रति संवेदनशीलता बढ़ेगी. यह पहल गरीब परिवारों को प्राथमिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.
धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए बड़े स्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं. राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में 480 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति की जा रही है. इससे शिक्षण व्यवस्था और प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा. उन्होंने कहा कि 2027 तक उत्तराखंड के सभी सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती पूरी कर ली जाएगी, जिससे प्रदेश के दूरस्थ इलाकों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकेंगी.
मंत्री रावत ने कहा कि वाइट कोट सेरेमनी सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि यह भविष्य के डॉक्टरों के लिए समाज सेवा की दिशा में नई शुरुआत है. उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग गरीब और जरूरतमंद लोगों की सेवा में करें.
