फिर चर्चाओं में अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज, नॉन टीचिंग स्टाफ ने खोला मोर्चा, मरजेंसी सेवाएं भी बंद रहेंगी

मेडिकल कॉलेज के अधीन बेस अस्पताल में कार्यरत नॉन टीचिंग कर्मचारियों को वेतन के लाले पड़े हैं. इसी को लेकर कर्मचारियों ने शुक्रवार को हाथों में काला फीता बांध कर विरोध जताया. कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन जमकर नारेबाजी की.

कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पिछले माह का वेतन नहीं दिया गया है. वहीं यह कहा जा रहा है की उनके पद सृजित नहीं हैं. इसी बात से नाराज कर्मचारियों ने अपना आंदोलन शुरू कर दिया है. इस दौरान कर्मचारी नेता सतीश कुमार ने बताया कार्यरत 109 लोगों का वेतन ट्रेजरी से रोका गया है. उनका कहना है कि उनके पद सृजित नहीं हैं. जिससे कर्मचारियों। को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

उन्होंने कहा पिछले वर्ष भी यही परेशानी हुई थी. स्वास्थ्य मंत्री के हर बार के भ्रमण के दौरान उन्हें अपनी परेशानी बताई. मंत्री ने जल्द समस्या के समाधान का आश्वाशन भी दिया, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री ने अभी तक पद स्वीकृत नहीं कराए. सरकार में कर्मचारियों के हित में कोई फैसला नहीं लिया. उनकी मांग है कि कर्मचारियों के पद सृजित किए जाये. उनका मानदेय बढ़ाए जाये. वेतन समय पर उपलब्ध कराया जाये. जिससे कर्मचारी अपने परिवार की परेशानियों को दूर कर सकें.

कर्मचारियों ने कहा अगर 22 सितंबर तक वेतन नहीं मिला तो पूर्णकालिक हड़ताल की जाएगी. इमरजेंसी सेवाएं भी बंद रहेंगी. वहीं, महिला कर्मचारी सुनीता देवी ने कहा हमेशा हमारे साथ यह बर्ताव किया जाता है. हम आंदोलन करते हैं तो आश्वाशन देकर हमें वापस बुला लिया जाता है. हम वापस काम पर लौट जाते हैं. कुछ समय सब ठीक रहता है. फिर यही वेतन रोकने की समस्या पैदा हो जाती है. उन्होंने कहा कि इस बार मांगे नहीं मानी गई तो आंदोलन को तेज करेंगे. उन्होंने वेतन में वृद्धि करने की मांग की.

इधर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य सीपी भैसोड़ा ने कहा ये हमारे आउटसोर्स के कर्मचारी हैं. यहां पर उनके पद स्वीकृत नहीं हैं. कोरोना के समय से ही इन्हें रखा गया था. इनके पद स्वीकृत करने की प्रक्रिया शासन में गतिमान है. शासन में पत्र भेजा गया है. जल्द ही उनके पद स्वीकृत होने की संभावना है. उन्होंने कहा ट्रेजरी में भी कर्मचारियों के वेतन की बात की गई है. पूर्व के दिनों में भी वेतन की समस्या आई थी. ट्रेजरी ने इस बार फिर ऑब्जेक्शन लगाया है. उस पर बात कर ली गई है. पद स्वीकृत करने के लिए शासन को पत्र भेजा है. जल्द उनकी इस समस्या का समाधान हो जाएगा.

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