थराली की पूर्व विधायक और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मुन्नी देवी शाह का निधन हो गया है. वह बीते 3 महीने से अस्वस्थ चल रही थीं. उनका इलाज पहले दिल्ली और उसके बाद देहरादून के एक निजी अस्पताल में चल रहा था. लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. आज चमोली जिले के कर्णप्रयाग संगम तट पर मुन्नी देवी शाह के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया जाएगा. सीएम धामी ने मुन्नी देवी के निधन पर दुख जताया है.
जानकारी के अनुसार शुक्रवार सवेरे उन्होंने देहरादून के अस्पताल में अंतिम सांस ली. बीती 30 जुलाई को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अस्पताल में मुन्नी देवी शाह से मिलने पहुंचे थे. उन्होंने चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके परिजनों से बातचीत की थी. लेकिन पिछले तीन माह से गंभीर बीमारी से जूझ रही थराली की पूर्व विधायक मुन्नी देवी शाह का शुक्रवार की सुबह निधन हो गया.
जब थराली विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ था, तब मुन्नी देवी चमोली की जिला पंचायत अध्यक्ष हुआ करती थीं. मुन्नी देवी ने दमखम से थराली विधानसभा उपचुनाव लड़ा था. सिंपैथी लहर में मुन्नी देवी चुनाव जीत गई थीं. मुन्नी देवी की जीत बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा से जुड़ी हुई थी.
2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने मुन्नी देवी को टिकट नहीं दिया था. इस बार पार्टी ने भूपाल राम टम्टा को थराली से चुनाव मैदान में उतारा. मुन्नी देवी शाह की बड़ी हसरत थी कि उन्हें पार्टी टिकट दे और वो फिर से विधानसभा पहुंचें. लेकिन टिकट भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष भोपाल राम टम्टा को मिला और उन्होंने चुनाव जीतकर पार्टी को निराश नहीं किया. बताते चलें की थराली विधानसभा सीट एससी कैंडिडेट के लिए आरक्षित है. बीजेपी के भूपाल राम टम्टा ने इस सीट पर कांग्रेस के डॉ जीत राम को हराया था.