हरिद्वार जनपद के लक्सर क्षेत्र में प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग (ग्रीनफील्ड हाईवे) परियोजना को लेकर प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के आदेश पर तहसील लक्सर के 12 गांवों में भूमि की खरीद-फरोख्त, रजिस्ट्री-बैनामा और भूमि उपयोग परिवर्तन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है. वहीं पानीपत-गोरखपुर ग्रीनफील्ड हाईवे हरिद्वार के 12 गांवों से होकर गुजरेगा. वहीं प्रस्तावित ग्रीनफील्ड राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को लेकर जमीन खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई गई है.
गौर हो कि लक्सर तहसील क्षेत्र के 12 गांवों में जमीन की खरीद फरोख्त, रजिस्ट्री और लैंड यूज चेंज पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है. यह फैसला प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग यानी ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. जिला प्रशासन के अनुसार पानीपत से गोरखपुर तक बनने वाले ग्रीनफील्ड हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जानी है, इसलिए प्रभावित क्षेत्र में अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए हैं.
प्रशासन के अनुसार मदारपुर, मिर्जापुर उर्फ मोहनवाला, पौडोवाली, टांडा जलालपुर, प्रहलादपुर, रघुनाथपुर उर्फ बालावाली, बालचन्दवाला, अलामपुर, हस्तमौली, शाहपुर, गिद्धावाली और कलसिया गांव इस दायरे में शामिल किए गए हैं. इन क्षेत्रों में अब न तो जमीन की खरीद बिक्री हो सकेगी, न रजिस्ट्री या बैनामा कराया जा सकेगा और न ही कृषि भूमि को गैर कृषि भूमि में बदला जा सकेगा. इसके साथ ही किसी भी तरह के नए निर्माण कार्यों पर भी रोक रहेगी.
विशेष भूमि अध्यापन अधिकारी आकाश जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण रुड़की द्वारा पानीपत से गोरखपुर तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हाईवे (शामली-पुवायां फेज-1) परियोजना के अंतर्गत किलोमीटर 20 से 32 तक भूमि अर्जन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. इस संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा-3ए के तहत कार्रवाई प्रस्तावित है.
