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उत्तराखंड में बड़ा लैंडस्लाइड हुआ है. लैंडस्लाइड के मलबे की चपेट में BRO का बनाया पुल आ गया है. मलारी बॉर्डर हाईवे के समीप पहाड़ी से चट्टान दरक गई. मलबे ने अपनी चपेट में पुल को भी ले लिया. पुल टूटने से मलारी हाईवे बाधित हो गया है. ये हाईवे सेना को चीन बॉर्डर से कनेक्ट करता है.
पिछले सप्ताह हुई बारिश के बाद चमोली जनपद में पुल टूटने की दूसरी घटना सामने आई है. बुधवार को पहला पुल गोविंद घाट के पास हेमकुंड साहिब को जोड़ने वाला टूटा था. उसकी लंबाई 110 फीट थी. वहीं गुरुवार देर रात को मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग पर पनघटी नाले के ऊपर बना बीआरओ का 52 फीट लंबा पुल अचानक पर हुए लैंडस्लाइड के मलबे की चपेट में आने से टूट गया है. इससे सीमावर्ती इलाकों में आवागमन बंद हो गया है. बीआरओ के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मौके पर पहुंच कर वैली ब्रिज का निर्माण किया जाएगा.
जोशीमठ मलारी बॉर्डर हाईवे के समीप पहाड़ी से चट्टान दरकने के बाद पुल टूटने से मलारी नीति हाईवे पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई है. नीती घाटी का संपर्क फिलहाल जिला मुख्यालय से कट गया है. दो दिन पहले भी इसी तरह लैंडस्लाइड हुआ था. तब लैंडस्लाइड के मलबे से गोविंद घाट में अलकनंदा नदी के ऊपर बना मोटर पुल ध्वस्त होकर नदी में समा गया था.
भाप कुंड के समीप पनघटी नाले के ऊपर बना बीआरओ का 52 फीट लंबा पुल गिरने से आवाजाही की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है. इधर बीआरओ के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मौके पर पहुंचकर वैली ब्रिज का निर्माण किया जाएगा. ये पुल बॉर्डर सुरक्षा के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण है. चमोली जिला चीन के कब्जे वाले तिब्बत से बॉर्डर शेयर करता है. पुल टूटने से उस पार के लोगों का बाकी राज्य से संपर्क टूट गया है.
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