स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने जिले में स्कूल वाहनों के खिलाफ दो दिवसीय विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया. अभियान के दौरान सैकड़ों स्कूल वाहनों का निरीक्षण कर पहले दिन 30 वाहनों का चालान किया गया, जबकि दूसरे दिन विभिन्न स्कूलों और प्रमुख मार्गों पर जांच के दौरान 45 और स्कूल वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई. इस तरह दो दिनों में कुल 75 स्कूल वाहनों पर मोटरयान अधिनियम के तहत चालान किए गए.
दरअसल, लगातार शिकायतें मिल रहीं थी कि हरिद्वार में कई स्कूल वाहन मानकों को ताक पर रखकर चल रहे हैं और बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. शिकायतों का संज्ञान लेकर हरिद्वार के डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन नेहा झा के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया और विशेष चेकिंग अभियान चलाया. परिवहन विभाग द्वारा चलाए गए अभियान में स्कूल बसों और बसों के अलावा अन्य स्कूल वाहनों की फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, चालक के दस्तावेज, ड्राइविंग लाइसेंस, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास, लेडी अटेंडेंट समेत अन्य सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई.जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं.
चलाए गए अभियान के पहले दिन एक वाहन बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र, छह में परमिट संबंधी खामियां, एक वाहन का बीमा समाप्त, एक बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र, एक चालक के दस्तावेज अधूरे मिले. चार वाहनों में आपातकालीन निकास अथवा अन्य सुरक्षा उपकरणों की कमी पाई गई. आठ वाहनों में फर्स्ट एड बॉक्स नहीं था, जबकि दस वाहनों में अग्निशमन यंत्र या तो नहीं मिले या उनकी वैधता समाप्त हो चुकी थी. टैक्स और ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी अन्य अनियमितताओं पर भी कार्रवाई की गई. इस प्रकार कुल मिलाकर 30 वाहनों का चालान काटा गया.
परिवहन विभाग की टीमों द्वारा की गई जांच में फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, वैध ड्राइविंग लाइसेंस, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप लेडी अटेंडेंट की अनुपस्थिति जैसी कमियां सामने आने पर 45 स्कूल वाहनों के चालान किए गए. परिवहन विभाग की टीमों ने विद्यालय प्रबंधन और वाहन चालकों को सभी सुरक्षा मानकों का शत प्रतिशत पालन करने के सख्त निर्देश दिए.
