टिहरी बांध प्रभावित थौलधार विकासखंड के गांवों के छात्र-छात्राओं के लिए पुनर्वास विभाग की ओर से संचालित की जाने वाली स्कूल बस सेवा बंद होने से छात्र-छात्राएं और अभिभावक परेशान हैं. पुनर्वास विभाग (टीएचडीसी) की तरफ से संचालित की जा रही बस सेवा के 21 जनवरी से बंद होने से कई बांध प्रभावित गांवों के छात्र-छात्राओं के सामने विद्यालय आने जाने का संकट खड़ा हो गया है.
बताते चलें कि थौलधार विकासखंड के कई गांवों से विद्यालयों की दूरी टिहरी झील बन जाने के कारण बढ़ गई, जिसको देखते हुए पुनर्वास विभाग द्वारा प्राइवेट बस संचालकों के साथ अनुबंध कर स्कूली छात्र छात्राओं के स्कूल आवागमन के लिए बस सेवा प्रारंभ कराई जाती रही है. जिसके तहत थौलधार ब्लॉक के उनियाल गांव, खांड, रमोलगांव, सरोट, डोभन, सैनसारी, कंडार गांव, रमोल सारी, छाम, जसपुर आदि गांव के छात्र-छात्राओं को कंडीसौड़ और चिन्यालीसौड़ तक आवागमन को टीएचडीसी और पुनर्वास विभाग पुनर्वास नीति के तहत दो बसें संचालित करता है. लेकिन लंबित भुगतान के कारण बस संचालकों ने बुधवार से सेवा बंद कर दी है.
स्कूली छात्रा नेहा, सोनी, आरूषी, तमन्ना, खुशी, गौरी, यशपाल, गौरव, सचिन ने बताया कि पुनर्वास विभाग की ओर से संचालित स्कूल बस सेवा बंद होने से उनके सामने विद्यालय आने-जाने का संकट पैदा हो गया है. अब बोर्ड परीक्षा सिर पर है, ऐसे में स्कूल न जाने से उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है. बस संचालक तुलसी देवी ने बताया कि पुनर्वास विभाग/टीएचडीसी के निर्देश पर स्कूल बस का संचालन गत वर्ष 10 अगस्त 2025 से किया जा रहा है. विभाग ने पहले तो सितम्बर 2025 तक बस संचालन का अनुबंध पत्र बनाने की बात की थी. लेकिन अब विभाग अनुबंध पत्र बनाने को लेकर लगातार टालमटोल कर रहा है.
एक माह पूर्व जिलाधिकारी और पुनर्वास विभाग के अधिकारियों से बस भुगतान को लेकर वार्ता की गई, बावजूद इसके भुगतान नहीं हुआ. पिछला भुगतान न होने की दशा में स्कूल बस उपलब्ध कराना मुश्किल हो गया है. छात्रों व अभिभावकों का कहना है कि बांध प्रभावित गांवों से रोज सैकड़ों छात्र-छात्राएं कंडीसौड़, चिन्यालीसौड़ इन बसों से आवागमन करते हैं. कहा कि जल्द सेवा बहाल नहीं की गई तो वे आंदोलन करेंगे. वहीं टीएचडीसी के वरिष्ठ प्रबंधक शक्ति चमोली ने बताया कि मामले में डीएम/पुनर्वास निदेशक के द्वारा प्रस्ताव टीएचडीसी को भेजा गया है. अनुबंध टीएचडीसी के स्तर से किया जाना है. लंबित भुगतान की समस्या से भी अवगत कराया गया है.