ऋषिकेश में वन भूमि के सर्वे का विरोध कर रहे लोगों का प्रदर्शन रविवार को उग्र रूप में देखा गया. लोगों ने मनसा देवी रेलवे लाइन को बाधित करके ट्रेनों को रोका. हरिद्वार बायपास मार्ग (नेशनल हाईवे) को जाम किया और पुलिस पर पथराव किया. फिलहाल नेशनल हाईवे जाम करने के आरोप में 8 नामजद समेत 218 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. साथ ही वन विभाग की महिला रेंजर से अभद्रता मामले में एक अन्य मुकदमा दर्ज किया गया है.
रायवाला में तैनात एसएसआई मनवर सिंह ने नेगी ने तहरीर दी है कि वह सेक्टर – 2 प्रभारी थे. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत वह रविवार को वन भूमि की नापखोज के लिए मालवीय नगर पहुंचे थे. इस दौरान अमितग्राम में श्यामपुर बाईपास पर हाईवे जाम मिला. दोपहर 1:30 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक स्थानीय लोगों ने हाईवे को जाम रखा. पुलिस ने पूरे मामले में मोहन सिंह असवाल, वीरेंद्र रमोला, विनोद नाथ, हिमांशु पंवार, लालमणि रतूड़ी, निर्मला उनियाल, ऊषा चौहान और सचिन रावत नामजद करते हुए 150 से 210 अज्ञात महिला-पुरुषों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.
एक अन्य तहरीर में बताया गया कि, सर्वे के लिए टीम के साथ गुमानीवाला क्षेत्र में पहुंची वन विभाग की एक महिला रेंजर से छेड़खानी की गई है. पीड़ित रेंजर ने बताया कि वह 27 दिसंबर को गुमानीवाला में सरकारी कार्य में जुटी थी. इस दौरान अज्ञात लोगों ने न सिर्फ उनके काम में बाधा डाली, बल्कि धक्का मुक्की करते हुए टीम के साथ मारपीट भी की गई. गाली गलौज के बाद छेड़खानी करते हुए वर्दी भी पकड़ी. इस मामले में कोतवाली पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. आरोपियों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं.
एसपी देहात जया बलूनी ने बताया कि शिकायत के आधार पर पुलिस ने 8 लोगों को नामजद करते हुए अज्ञात 218 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
विरोध प्रदर्शन करने वालों द्वारा रेल मार्ग पर बैठकर विरोध कर रहे थे, जिससे यात्री काफी परेशान थे, जिन्हें पुलिस द्वारा समझने का प्रयास करते हुए रेल मार्ग से हटने को कहा गया, जिस पर उनके द्वारा आक्रोशित होकर पुलिस पर पथराव किया गया था. इस प्रकार की भ्रामक खबर प्रसारित करने वालों को भी चिन्हित किए जाने की कार्रवाई की जा रही है, जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा. साथ ही दुष्प्रचार करने वालों पर मॉनिटरिंग करते हुए सतर्क दृष्टि रखी जा रही है.
देहरादून एसएसपी ने अपील की है कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के क्रम में वन विभाग द्वारा वन भूमि का सर्वे किया जा रहा है. कार्रवाई के दौरान यह प्रकाश में आया है कि सरकारी वन भूमि को निजी भूमि बताकर कुछ लोगों द्वारा आम जनता को बेचा गया है. यदि किसी व्यक्ति द्वारा ऐसा कृत किया गया है तो उसकी शिकायत पीड़ित, पुलिस को कर सकते हैं. पुलिस द्वारा ऐसे सभी लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.