कावंड़ मेले में आने वाले कांवड़ियों की सुरक्षा को लेकर भी आपदा प्रबंधन की टीमें भी मुस्तैद हैं. एसडीआरएफ कमाण्डेन्ट अर्पण यदुवंशी से ईटीवी भारत ने खास बातचीत की. इसके साथ ही कांवड़ मेले की तैयारियों को भी ईटीवी भारत ने ग्राउंड जीरो पर जाकर परखा. आइये आपको विस्तार से इसका हासिल बताते हैं.
ईटीवी भारत से बातचीत करते हुए एसडीआरएफ कमाण्डेंट अर्पण यदुवंशी ने बताा इस बार उनकी टीमें अत्याधुनिक उपकरणों से लैस हैं. जिसकी ट्रेनिंग भी की जा रही है. अर्पण यदुवंशी ने बताया इस बार कावंड़ मेले में अंडर वाटर सोनार सिस्टम, अंडर वाटर ड्रोन के साथ थ्रोबैग जैसे उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा. अर्पण यदुवंशी ने बताया पिछले साल उनकी टीम ने करीब 250 कावड़ियो को डूबने से बचाया था. इस बार भी उनकी टीम हरिद्वार के छह अलग अलग स्थानों पर तैनात की जा रही है.
एसडीआरएफ कमाण्डेन्ट अर्पण यदुवंशी ने बताया कांवड़ मेले के दौरान एसडीआरएफ की बहुत मुख्य भूमिका रहती है. कई बार देखा जाता है कि कांवड़िये गंगा के तेज बहाव में बह जाते हैं. रेलिंग पार करके गंगा में स्नान करते वक्त भी कुछ भक्त बह जाते हैं. ऐसे में एसडीआरएफ की तैनाती उन्हें डूबने से बचाती है.
गंगा के ये डेंजर प्वाइंट्स
- कांगड़ा घाट पश्चिम किनारा
- कांगड़ा घाट पूर्वी किनारा
- बैरागी कैंप आयरिस पुल
